मानव संपदा का ठोस प्रबंधन से ही पलायन रुक सकता है -डॉक्टर मोहम्मद रहमतुल्लाह


प्रवासियों की समस्या का समाधान सरकार के सक्रिय नीतिगत हस्तक्षेप से हो सकता है-डॉ अनूप कुमार चट्टोपाध्याय* *मानव संपदा का ठोस प्रबंधन से ही पलायन रुक सकता है -डॉक्टर मोहम्मद रहमतुल्लाह* आज दिनांक 4 अगस्त 2020 को कुंवर सिंह महाविद्यालय लहरिया सराय दरभंगा में
अर्थशास्त्र विभाग और IQAC(आइक्यूएसी) सेल के सहयोग से कुंवर सिंह महाविद्यालय में “महामारी और बिहार में रिवर्स माइग्रेशन” विषय परएक राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता प्रधानाचार्य डॉक्टर मोहम्मद रहमतुल्लाह ने की। इस वेबीनार में विषय प्रवर्तक बर्दवान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अरूप कुमार चट्टोपाध्याय और अंतर्राष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान, मुंबई के प्रो राम बाबू भगत को आमंत्रित किया गया था। दोनों वक्ताओं ने बिहार के विशेष संदर्भ के साथ प्रवासन समस्या के सैद्धांतिक और नीतिगत दोनों पहलुओं को स्पष्ट किया। प्रो। चट्टोपाध्याय ने जोर देकर कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच मुख्य रूप से वेतन अंतर के कारण प्रवास होता है। उन्होंने सुझाव दिया कि क्षेत्र के प्रवासियों द्वारा सामना की जाने वाली कठिनाइयों को रोकने के लिए सरकार द्वारा प्रमुख और सक्रिय नीतिगत हस्तक्षेप उपयोगी हो सकता है। उन्होंने बिहार के राज्य घरेलू उत्पाद में प्रेषण धन के महत्वपूर्ण योगदान की ओर भी ध्यान दिलाया।

प्रो। भगत ने गैर-कृषि उद्योगों की अनुपस्थिति और कृषि पर निर्भरता को बिहार से बाहर ले जाने का एक प्रमुख कारण बताया। उन्होंने पिछले एक दशक में बिहार अर्थव्यवस्था की बेहतर स्थिति के बारे में बात की जिसमें सामाजिक क्षेत्र के सूचकांकों में सुधार किया गया है जो राज्य के बाहर संकट के प्रवास को रोक सकता है। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ मोहम्मद रहमतुल्लाह ने संबोधित करते हुए कहा किसी भी राज्य के लिए मानव संपदा सबसे उत्कृष्ट माना जाता है। बिहार में मानव संपदा की कमी नहीं है। कृषि पर आधारित उद्योग की स्थापना ही मानव संसद संपदा का उचित प्रबंधन होगा बिहार सरकार और केंद्र सरकार को इस पर सुदृढ़ योजना तैयार करना चाहिए।तभी पलायन रुक सकता है।
जीवंत चर्चा भी की गई और प्रतिभागियों और दर्शकों ने प्रासंगिक सवाल पूछे। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार सिंह ने प्रवासी मजदूरों के पलायन एवं पुनः लौटने के सवाल पर राज्य सरकार की क्या भूमिका होनी चाहिए? डॉरामबाबू भगत ने प्रवासी मजदूरों के पंजीकरण के साथ-साथ संविधान में उपलब्ध कानून को विस्तार से बताने का काम किया। इस राष्ट्रीय वेबीनार में 8 राज्यों से 300 से ज्यादा शोधार्थी एवं प्रतिभागियों ने भाग लिया।
बैठक का आयोजन श्री विनीत श्रीवास्तव, अर्थशास्त्र के सहायक प्रोफेसर, के.एस. महाविद्यालय की समन्वयक सुश्री प्राची मरवाहा, डॉ अभिषेक राय और श्री नवीन कुमार सहित सभी शिक्षकों ने वेबीनार में भाग लिया।
गृह विज्ञान के विभागाध्यक्ष एवं समन्वयक डॉ प्राची मरवाहा ने धन्यवाद ज्ञाप
https://youtu.be/uP9wErFIFcQन किया ।

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