प्रगति क्लासेज ने फिर लहराया परचम,6 परीक्षार्थियों ने मेडिकल में मारी बाजी

“विशेष” : प्रगति क्लासेज ने फिर लहराया परचम,6 परीक्षार्थियों ने मेडिकल में मारी बाजी
कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता,एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों ।सही मायने में इरादे नेक और मंसूबा आसमानी हो,तो पहाड़ खोदकर भी दूध की नदियां बहाई जा सकती है ।बिहार के सहरसा जैसे रिमोट जिले में प्रगति क्लासेज एक तरफ जहाँ मेधा के पलायन को रोकने में कामयाब हो रहा है,वहीँ हर साल इस संस्थान से बच्चे इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर इस संस्थान के साथ-साथ कोसी इलाके का नाम रौशन कर रहे हैं ।इस बार इस संस्थान से 6 परीक्षार्थियों ने मेडिकल की परीक्षा में सफलता पाई है जिसके ऑल इंडिया रेंक काफी अच्छे हैं ।
इस संस्थान से इस बार मोहन कुमार,पिता-अनिरुद्ध भगत, हड़दी चौघारा,जिला-सुपौल ने 645 अंक लाकर,ऑल इंडिया में 1294 वां रैंक हासिल किया है ।प्रिया रानी,पिता-जगदीश प्रसाद सिंह,न्यू कॉलोनी,सहरसा 640 अंक लाकर,ऑल इंडिया में 1724 वां रैंक हासिल किया है ।स्मित प्रतीक,पिता-अनिल कुमार साह,कायस्थ टोला,सहरसा ने 635 अंक लाकर,ऑल इंडिया में 2264 वां रैंक प्राप्त किया है ।ज्योति कुमारी,पिता-पवन कुमार चौधरी,वीणा,बभनगामा,सुपौल ने 586 अंक लाकर ऑल इंडिया में 11368 वां रैंक प्राप्त किया है ।रितेश राज,गंगजला,कुंवर टोला,सहरसा ने 547 अंक लाकर,ऑल इंडिया में 24000 वां रैंक हासिल किया है ।दीपांशु कुमार,पिता-गणेश जायसवाल, सिमराही बाजार,सुपौल ने 503 अंक लाकर 47713 वां रैंक हासिल किया है ।
2014 में शुरू हुए प्रगति क्लासेज,कोसी इलाके में कोटा,बेंग्लुरू,दिल्ली,मुंबई और मद्रास जैसी शिक्षा व्यवस्था देकर,मिल का पत्थर साबित हो रहा है ।पिछले साल भी इस संस्थान से तीन बच्चों ने मैडिकल की परीक्षा पास की थी जो अभी आईजीआईएमएस पटना, एनएमसीएच,पटना और एक एएनएमएमसीएच,गया में अध्ययनरत हैं ।
इस बार सफल हुए सभी अभ्यर्थी बेहद साधारण परिवार के हैं ।मोहन कुमार के पिता किराना की दुकान चलाते हैं ।उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई छुड़ाकर,किराने की दुकान पर बिठा दिया ।लेकिन कुछ महीने बाद मोहन के बहनोई मदन भगत और बड़े भाई पप्पू भगत ने इसकी पढ़ाई,फिर से शुरू करवाई ।आज नतीजा पूरे परिवार के शौर्य का प्रतीक बन गया है ।प्रिया रानी के पिता रिटायर्ड शिक्षक हैं ।स्मित प्रतीक के पिता एलआईसी एजेंट हैं और ज्योति कुमारी के पिता किसान हैं ।रितेश राज के पिता जवाहर यादव,एक मामूली ढ़ाबा सहरसा बंगाली बाजार में चलाते हैं ।इस सफलता को लेकर सरडीहा ग्रामवासी सेवानिवृत्त शिक्षक दशरथ प्रसाद सिंह की पुत्री प्रिया रानी ने कहा कि सहरसा के नामचीन कोचिंग संस्थान प्रगति क्लासेज के मार्गदर्शन में,उसे यह सफलता मिली है ।उसने संस्थान के शिक्षकों सहित नंदन सर और चंदन सर का आभार व्यक्त किया ।प्रिया रानी ने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता,भाई मनीन्द्र,बड़ी बहन रानी रुणम सिंह और जीजा जी अजय कुमार सिंह को देते हुए कहा कि यह उनके आशीर्वाद का प्रतिफल है ।
संस्थान के संस्थापक नंदन कुमार ने कहा कि कोसी जैसे कास-पटेर और कछार इलाके में बेहद कम समय में उन्होंने एक बेहतरीन संस्थान देने की कोशिश की है ।हम अपने उन तमाम गुरुजनों के आभारी हैं,जो दूर-दराज इलाके से आकर,सहरसा जैसी जगह पर प्रतिभाओं को तराशकर,बेहतरीन शक्ल दे रहे हैं ।मैडिकल और इंजीनियरिंग जैसी कठिन परीक्षाओं में सफलता दिलाने,उनकी काबिलियत का जिंदा इश्तेहार है ।अभीतक हमने काफी सफलता अर्जित की है ।आगे हमारी कोशिश है कि संस्थान के दायरे को विस्तार देना और अच्छे गुरुजनों को लाकर सफलता का ग्राफ तेजी से बढ़ाना है ।हम कोसी इलाके की प्रतिभा और मेधा को दूसरे प्रांत जाकर धक्के खाने और बेजा संघर्ष करने नहीं देंगे ।इस संस्थान के निदेशक डिक्टर छन्दन कुमार ने काफी हर्ष जताते हुए कहा कि अभी तो यह आगाज है ।आगे हम सफलता का बड़ा इतिहास लिखेंगे ।इस संस्थान में अपनी सेवा दे रहे इंजीनियर विजय भूषण पथिक,इंजीनियर आशीष सूरा, इंजीनियर रणवीर कुमार, इंजीनियर आनंद कुमार,डॉक्टर वीरेंद्र कुमार सहित तमाम शिक्षकों ने इस सफलता पर अपार हर्ष जताया है ।कुल मिलाकर यह संस्थान प्रति वर्ष सफलता की नई ईबारत लिख रहा है ।इस इकलौते संस्थान ने कोसी इलाके की मेधा के पलायन पर पाबंदी लगाने की भरपूर कोशिश की है ।

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