आज दिनांक 8 मार्च 2019अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन मिल्लत कॉलेज में प्रधानाचार्य डॉ मोहम्मद रहमतुल्लाह की अध्यक्षता में किया गया

आज दिनांक 8 मार्च 2019अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन मिल्लत कॉलेज में प्रधानाचार्य डॉ मोहम्मद रहमतुल्लाह की अध्यक्षता में किया गया इस मौके पर प्रधानाचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के महान महिलाओं को सम्मान देने के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को पूरे विश्व में मनाया जाता है लैंगिक समानता लाने के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण बहुत जरूरी है उन समाजों का विकास बहुत अच्छी तरह से होता है जहां महिलाओं को एक समान सम्मान दिया जाता है अधिकांश परंपरागत लोगों को अभी लगता है कि महिलाओं को घर की कामों तक ही सीमित रखा जाना चाहिए और बाहर के कामों काजो के लिए कदम नहीं उठाना चाहिए क्योंकि यह उनका कार्यक्षेत्र नहीं है

महिलाओं के पास पुरुष जितनी समान क्षमता है बशर्ते के उन पर भरोसा किया जाए आज की महिलाएं अपनी शक्तियों क्षमताओं का एहसास करती हैं और समाज तथा विश्व में फलस्वरुप योगदान करने के लिए घर से बाहर निकलती है महिलाओं के लिए खास दिन होना अच्छा लगता है जहां उन्हें सराहा और सम्मानित किया जा सके लेकिन मुझे लगता है कि महिला का सम्मान महिला होने के कारण ही नहीं होना चाहिए बल्कि इसलिए भी क्योंकि उनकी खुद अपनी व्यक्तिगत पहचान है वह समाज की भलाई में समान रूप से योगदान करती हैं
स्त्री ही है जो धरती पर जीवन लाती है हर महिला विशेष है चाहे वह घर पर या कार्यालय में काम कर रही हो या दोनों ही कर रही हो वह बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और अपने घर को भी कुशलतापूर्वक प्रबंधित करती है

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ महिला का सम्मान महिला सशक्तिकरण महिलाओं का अधिकार के बारे में विस्तृत जानकारी दी डॉक्टर महेश चंद्र मिश्रा ने बच्चों के बीच महिलाओं के सम्मान बढ़ाने की बात कही डॉक्टर अयाज अहमद ने संबोधन में कहा कि महिलाओं को विशेष सम्मान देना चाहिए महिलाएं मर्दो के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलती हैं हर काम में उनका सहयोग रहता है वह आज के दौर में किसी से कम नहीं है

इसलिए हम पुरुष वर्गों को चाहिए कि महिलाओं का सम्मान के साथ सम्मानित करना चाहिए अल्ताफउल हक ,डॉक्टर अताउर रहमान ने भी सभा को संबोधित किया प्रीति पीटर्स की अगुवाई में बच्चों को लेकर एक जुलूस निकाला गया जुलूस सड़क पर निकल कर हाथों में तिरंगा लिए महिला सशक्तिकरण का मिसाल पेश कर रही थी बच्चियां जोश में अपने मांगों को मांग कर समाज को आइना दिखा रही थी

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