नियम निष्ठा से खरना संपन्न, बाजारों में दिखी रौनक, मंडलकारा दरभंगा में भी छठ मनाने की सूचना

बिहार का सबसे बड़ा पर्व छठ व्रत का चार दिवसीय अनुष्ठान पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ जारी है। कल नहाय-खाय के बाद आज देर शाम खरना किया गया।

इस अवसर पर व्रतियों ने गुड़ का खीर, रोटी, केला आदि का न्योज काढ़ कर षष्ठी देव को अर्पित किया। परम्परा के अनुसार सूप के आधार पर न्योज की संख्या होती है। पूजन के पश्चात व्रति इन्ही चीजों का प्रसाद ग्रहण करती हैं और परिजनों को उसके बाद प्रसाद दिया जाता है। आज पूरे दिन व्रति उपवास में रहीं और सिर्फ खरना का प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद इनलोगों ने अन्न-जल त्याग कर संध्या और प्रात: अर्घ्य देने का संकल्प लिया।

व्रति प्रात: अर्घ्य के पश्चात ही जल-अन्न ग्रहण करेंगी। इधर पूजा की तैयारी में पूरा परिवार और ईष्ट मित्र सहयोग में लगे रहते हैं। बाजारों में काफी भीड़ देखी गई। हलांकि जिला के विभिन्न क्षेत्रों में दुकानें खुल जाने के बाद शहर के मुख्य बाजारों में दूर से आने वालों की संख्या कम हुई है, लेकिन फिर भी बाजारों में आम दिनों के अनुपात में दोगुनी से ज्यादा भीड़ देखी गई। केला, नारियल और फलों के दुकानों में काफी भीड़ रही। जो देर रात तक रहने की संभावना है। वैसे कुछ लोग कल भी खरीदारी करेंगे लेकिन ज्यादा तर लोग आज ही अपनी खरीदारी करने में जुटे रहे। ईख की बिक्री भी होती रही। घी की दुकानों में सुबह से ही अच्छी खासी भीड़ देखी गई। खरीदारी में देखा गया कि महंगाई का असर नहीं था। महंगाई पर आस्था भारी पड़ रहा था। जरूरत के सामनों की खरीद में लोगों ने कटौती नहीं की। जो दर्शाता है कि महंगाई कितना भी हो आस्था हीं सर्वोपरी है। भले ही इसके लोगों को कर्ज का सहारा लेना पड़ा, लेकिन वे पीछे नहीं रहे।

आटा चक्की में सुबह से ही गेहूं पहुंचने लगा था। लम्बी-लम्बी कतारें आटा चक्की में लगी हुई थी। उधर दरभंगा मंडलकारा से भी कैदियों के द्वारा छठ मनाने की सूचना आ रही हैं। इस क्रम में जेल प्रशासन ने व्रत से संबंधित सभी सामान उपलब्ध करा रहे हैं। परिसर में ही छठ व्रति के लिए सभी व्यवस्था की गई है। कुल 27 कैदी जेल में 15 पुरूष और 12 महिला कैदी व्रत कर रहे हैं। सभी कैदियों के अलावे 8 बच्चों को भी नये वस्त्र जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराये गये हैं। भले ही ये लोग सजायाफ्ता हों, लेकिन पूरी निष्ठा से सूर्योपासना में जुटे हुए हैं।

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