डीएम :- 20 अप्रैल से बुनियादी निर्माण कार्य प्रारम्भ करने, ग्रामीण आर्थिक गतिविधियां संचालित करने आदि हेतु सीमित छूट प्रदान की गई है।

पी.एम.ए.वाय.के अपूर्ण मकानों को पूरा करने का कार्य प्रारम्भ.
निर्माण सामग्री के क्रय / बिक्रय पर रोक नहीं.
केन्द्र सरकार के गाइड लाइन के अनुसार कोरोना महामारी के रोकथाम हेतु देश भर में लागू लॉक डाउन अवधि में दिनांक 20 अप्रैल से बुनियादी निर्माण कार्य प्रारम्भ करने, ग्रामीण आर्थिक गतिविधियां संचालित करने आदि हेतु सीमित छूट प्रदान की गई है। इस हेतु

निर्माण कार्य में प्रयुक्त किये जाने वाले सामग्री, यथा गिट्टी, बालू, छड़ आदि के क्रय / बिक्रय पर रोक नहीं है. जिलाधिकारी द्वारा बताया गया है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सुरक्षा मानकों एवं सोशल डिस्टेंसिंग नियम का पालन करते हुए निर्माण सामग्री की खरीद / बिक्री की जा सकती है. जिलाधिकारी द्वारा ऐसे सभी कार्य एजेंसी को संबंधित दुकानों / प्रतिष्ठानों एवं सामग्री की ढ़ुलाई हेतु वाहन पास निर्गत करने हेतु पहले ही प्राधिकृत कर दिया गया है.

उन्होंने कहा है कि लॉक डाउन के चलते बड़ी संख्या में दैनिक मजदूरी करने वाले लोग बेरोजगार हो गये हैं, इसलिए सरकार ने ग्रामीण आर्थिक गतिविधियों को सीमित छूट के साथ संचालित करने का आदेश दिया है। अतएव सरकार के गाइड लाइन के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का क्रियान्वयन कराने हेतु निम्न निर्देश जारी किया गया है :

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अन्तर्गत आवास निर्माण कार्य में सम्बद्ध लाभार्थी/श्रमिक/कर्मी के बीच संक्रमण से सुरक्षा हेतु सामाजिक दूरी (न्यूनतम 06 फीट की दूरी) का पालन कराते हुए कार्य किया जाएगा। सभी कर्मियों/श्रमिकों को फेस मास्क अथवा गमछा/तौलिया से नाक तक चेहरा ढ़कने की अनिवार्यता होगी। कार्य स्थल पर थूकना, तम्बाकू का सेवन वर्जित रहेगा। प्रत्येक कर्मी/श्रमिक खाने-पीने एवं आने-जाने के दौरान भी सामाजिक दूरी बनाए रखेंगे। निर्माण कार्य में प्रयुक्त उपकरण, कपड़े आदि की अदला-बदली नहीं की जाएगी। कार्य स्थल पर साबुन, पानी की उपलब्धता रहेगी तथा सम्बद्ध कर्मी/श्रमिक को नियमित अंतराल पर साबुन-पानी से अनिवार्य रूप से हाथ धोते रहने को कहा जायेगा ।
वहीं फेस मास्क पर आवश्यकतानुसार होने वाला व्यय प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रशासनिक मद की जिला में उपलब्ध राशि से किया जाएगा। वैसे लाभार्थी जिन्हें द्वितीय एवं तृतीय किस्त की राशि अंतरित की जा चुकी है, उनके आवासों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जायेगा। छत के निर्माण(ढ़लाई) को छोड़कर अन्य स्तरों तक के आवास निर्माण कार्य में लाभुक को छोड़कर दो या तीन श्रमिकों से अधिक को कार्य में नहीं लगाया जायेगा।
आवास निर्माण एवं अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु जरूरी सामग्री के ढ़ुलाई से संबंधित वाहनों का पास प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं कार्यक्रम पदाधिकारी, मनरेगा द्वारा निर्गत किया जायेगा।


उप विकास आयुक्त, दरभंगा द्वारा बताया गया है कि जिला में वर्ष 2016-17, 2017-18 एवं 2019-20 में कुल 119786 लाभार्थियों को प्रथम किस्त की राशि प्रदान कर दी गई है। इनमें से 52,684 लाभुकों द्वारा आवास निर्माण पूर्ण कर लिया गया है एवं 67,102 लाभुकों का आवास अपूर्ण है।इन अपूर्ण आवासों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जायेगा.

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