जुमे की नमाज़ के बाद ख्वाजा गरीब नवाज के मज़ार पर चादरपोशी के बाद मांगी अमन, भाईचारे व तरक्की की दुआ!


जुमे की नमाज़ के बाद ख्वाजा गरीब नवाज के मज़ार पर चादरपोशी के बाद मांगी अमन, भाईचारे व तरक्की की दुआ!

दरभंगा के 102 जायरीनों का दल विभिन्न दरगाहों की ज़ियारत कर जुमेरात की सुबह पहुंचा अजमेर।

शहर के वार्ड 21 से 12 नवंबर को निकला जत्था 24 नवम्बर को वापस लौटेगा दरभंगा!

दरभंगा शहर के वार्ड-21 की निगम पार्षद श्रीमती मधुबाला सिन्हा व वरिष्ठ पत्रकार श्री नवीन सिन्हा के नेतृत्व में दरभंगा पर्यटन(ज़ियारत) सेवा संस्थान के बैनर तले 102 तीर्थयात्रियों का दल दरभंगा से 12 नवम्बर को प्रस्थान कर अनेक राज्यों के पवित्र दरगाहों पर हाज़री देकर, चादरपोशी करने के उपरांत गुरुवार को राजस्थान के अजमेर स्थित विश्व प्रसिद्ध दरगाह ख्वाजा गरीब नवाज के चौखट पर पहुंचा।
शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के बाद सामूहिक रूप से चादरपोशी की गई और एक साथ तकरीबन सौ लोगों के हाथ उठे दुआ के लिए।
जायरीनों ने एक स्वर में देश, दुनिया व खासकर दरभंगा के लिए अमन, भाईचारा, तरक्की की दुआ मांगी।

आपको मालूम हो कि ज़ियारत दल दरभंगा से अकबरपुर(उत्तर प्रदेश) के किछौछा स्थित दरगाह हज़रत मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी र.अ., बाराबंकी के देवा शरीफ स्थित दरगाह हज़रत हाजी वारिश अली शाह र.अ., उन्नाव के सफीपुर स्थित मखदूम सफी शाह र.अ. व मखदूम भूलन शाह र.अ. की दरगाह(ताबूत वाली मज़ार), अमरोहा स्थित दरगाह हज़रत सरफुद्दीन शाह विलायत र.अ.(बिच्छू वाली मज़ार), उत्तराखंड के रुड़की स्थित कलियर शरीफ में हज़रत अलाउद्दीन अली अहमद साबिर कलियारी की दरगाह, दिल्ली स्थित दरगाह हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया र.अ., व हज़रत कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी र.अ.(महरौली), दरगाह हज़रत ख्वाजा नसीरुद्दीन महमूद चिराग देल्ही(चिराग दिल्ली), दरगाह हज़रत शेख अबू बकर तुसी र.अ.(मटका पीर), आगरा, फतेहपुर सिकरी स्थित हज़रत सलीम चिश्ती की दरगाह पर हाज़री देते हुए जत्था गुरुवार 21 नवम्बर को हिन्द के महाराजा ख्वाजा गरीब नवाज के चौखट पर अजमेर पहुंचा।
जुमे की नमाज़ के बाद शुक्रवार को चादरपोशी की गई और अब ज़ियारत दल 24 नवंबर को दरभंगा लौटेगा।
मालूम हो कि वार्ड 21 से दरभंगा स्तर पर 2014 से प्रारंभ दरभंगा पर्यटन (ज़ियारत) संस्थान की ये छठी यात्रा है।
हर वर्ष जायरीनों का यह दल विभिन्न ऐतिहासिक जगहों के दर्शन व सूफी संतों के मज़ार पर चादरपोशी व हाज़री के लिए जाता रहा है। मुस्लिम जायरीनों को दिल्ली में गांधी समाधि राज घाट, इंडिया गेट व आगरा के ताजमहल के दर्शन व दीदार के लिए ले जाया गया।
इसी तरह हिंदुओं के तीर्थस्थल हेतु दो सौ से अधिक श्रद्धालु आगामी 9 दिसम्बर को साईं आश्रम, पद्मास्वामी, कन्याकुमारी, तिरुपति, पूरी, मल्लिकार्जुन, रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग के लिए जाएंगे जो 26 दिसम्बर को लौटेंगे।
2014 से प्रारंभ इस यात्रा में दोनों समुदाय के दो हज़ार से अधिक लोग यात्रा कर चुके हैं, जिनमे अधिकतर वृद्ध रहते हैं, जो स्वयं अपने स्तर पर यात्रा करने में सक्षम नही होते हैं। इनलोगों का रेल आरक्षण चार माह पहले ही होता है। वर्ष के हर नवम्बर, दिसम्बर में ये यात्रा होती है।
दोनो यात्रा में शुभेच्छुओं सहित एक दूसरे समुदाय के लोग इन्हें विदा करने से लेकर आने पर स्वागत कर साम्प्रदायिक सौहार्द का मिशाल पेश करते हैं। यही नही यात्रा के दौरान रास्ते मे जानकारी मिलने पर विभिन्न संगठनों से लेकर व्यक्तिगत स्तर पर इन यात्रियों का अभिवादन के लिए भी कई लोग इनके लिए चाय, पानी , भोजन इत्यादि की व्यवस्था भी कर अपना योगदान देते हैं।

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