जिलाधिकारी ने धान अधिप्राप्ति को लेकर की बैठक

जिलाधिकारी ने धान अधिप्राप्ति को लेकर की बैठक

जिलाधिकारी ने धान अधिप्राप्ति को लेकर की बैठक

धान अधिप्राप्ति को लेकर जिलाधिकारी, दरभंगा डॉ. त्यागराजन एस.एम ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी बैठक से ऑनलाइन जुड़े रहे। जिलाधिकारी ने दरभंगा में अब तक केवल एक हजार मैट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति होने को लेकर जिला सहकारिता पदाधिकारी के प्रति नाराजगी व्यक्त की एवं उन्हें मधुबनी के साथ-साथ दरभंगा जिले की अधिप्राप्ति पर भी विशेष ध्यान देने की हिदायत दी। समीक्षा के क्रम में कई प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि चावल मिलों का पैक्सों के साथ टैग नहीं होने के कारण भी पैक्स धान अधिप्राप्ति प्रारंभ नहीं कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने इसके लिए जिला सहकारिता

पदाधिकारी को तत्काल चावल मिलों को सभी पैक्सों से सम्बद्ध करने के निर्देश दिए और कहा की सभी मिलों का सत्यापन भी कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित भूमि सुधार उप समाहर्ता भी अपने अपने क्षेत्र के चावल मिलों का सत्यापन कर लें और सत्यापन के समय का वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करा लें, जिसे अभिलेख में संधारित किया जा सके। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी ऐसे मामले संज्ञान में आ चुके हैं, की मील कार्यरत हैं ही नहीं और उसे मिलिंग के लिए शामिल कर लिया गया। उन्होंने प्रखंडवार प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी से धान अधिप्राप्ति की समीक्षा की और जिन प्रखंडों में अभी भी धान अधिप्राप्ति शुरू नहीं की गई है, वहां के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी को चेतावनी देते हुए धान अधिप्राप्ति आज ही से शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने समीक्षा के क्रम में तारडीह के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी से अब तक धान

अधिप्राप्ति शुरू नहीं कराने के लिए स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान सभी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी को धान क्रय करने के 48 घंटे के अंदर संबंधित किसानों को भुगतान कर देने के निर्देश दिए गए । उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्हें किसी किसान से धान के लिए भुगतान न होने की जानकारी मिलेगी, तो संबंधित प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। जाले के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी ने पैक्सों के पास बोरा न होने की बात कही। जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम अभिनव भास्कर ने बताया कि बाजार समिति के बाहर बोरा मिलता है, संबंधित किसान को इसकी जानकारी दी जाए कि बोरा क्रय कर धान उपलब्ध करावें। उल्लेखनीय है कि बोरा की राशि का समायोजन पैक्स द्वारा किया जाता है। हायाघाट के प्रखंड के पतौर में धान अधिप्राप्ति नहीं होने के संबंध में पूछे जाने पर प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि पतौर में बाढ़ आने के कारण धान की पैदावार नहीं हुई है। सदर प्रखंड के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा दुलारपुर के लिए धान की पैदावार शून्य बताया गया है, लेकिन एक किसान ने अपनी ऊंची जमीन पर वैज्ञानिक तरीके से खेती कर धान की पैदावार की है। जिलाधिकारी ने कहा कि कारण अंकित करते हुए धान अधिप्राप्ति कर ली जाए। कृषि विभाग का प्रतिवेदन को अंतिम प्रतिवेदन नहीं माना जा सकता है। उन्होंने ऑनलाइन बैठक में उपस्थित सभी अंचलाधिकारी को किसान के रसीद को अद्यतन करने में विलंब न करने के निर्देश दिए तथा प्रखंड विकास पदाधिकारियों को धान अधिप्राप्ति की नियमित समीक्षा करने तथा संबंधित अनुमण्डल पदाधिकारी को प्रत्येक 02 दिन पर धान अधिप्राप्ति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। बैठक में उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, जिला आपूर्ति पदाधिकारी अजय गुप्ता, उप निदेशक जन-सम्पर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, जिला प्रबंधक राज्य खाद्य निगम अभिनव भास्कर, जिला सहकारिता पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी उपस्थित थे।

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