जल संकट का त्वरित समाधान करें : मुख्य सचिव


मुख्य सचिव, बिहार श्री दीपक कुमार ने कहा कि दरभंगा जिले में भूगर्भ जलस्तर के नीचे चले जाने के चलते जिला के कुछ क्षेत्रों में पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है। पानी की समस्या को दूर करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा प्रयास किये जा रहे है, लेकिन इस कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में जिस गाँव/टोले/वार्डों में पानी की कमी हो गई है वहाँ किसी भी सूरत में पानी पहुँचाई जाये। जहाँ बोरिंग नहीं हो पाया है अथवा पाइप लाइन नहीं बिछाया जा सका है उन वार्डों में टैंकर के जरिये पानी पहुँचाई जाये। उन्होंने कहा कि पानी की कमी नहीं होनी चाहिए बल्कि इतना पानी उपलब्ध कराया जाये जिससे लोगों की जरूरतें पूरी हो जाये।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सात निश्चय में हर घर नल का जल सबसे महत्वपूर्ण है। सरकार ने 2022 तक हर घर को पाइप के जरिये शुद्ध पेयजल उपलब्ध करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस योजना पर कार्य चल रहा है। उन्होंने दरभंगा के जल संकट वाले वार्डों में अभियान चलाकर नल-जल योजना का क्रियान्वयन करने का निदेश दिया। वे अम्बेदकर सभाकक्ष में जिला में वर्तमान जल संकट पर आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि दरभंगा जिला के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थित पोखर/आहर पैन/चैक डैम आदि का जीर्णोंद्धार करायी जाये। इससे वर्षा के पानी का संचयन करने में सहुलियते होगी।
जिलाधिकारी, दरभंगा डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा वीडियो प्रोजेक्टर पर जल संकट के समाधान हेतु किये गये प्रयासां का पावर प्वाइंट प्रजेटेंशन दिखाया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि शहर में अवस्थित सरकारी पोखरों का सर्वेक्षण कराया जा रहा है। वहीं गाँव/टोलों में अवस्थित पोखर/नहर आदि की उड़ाही का कार्य किया जा रहा है। 1.5 इंच वाले पुराने खराब चापाकलों को सिलेंडर लगाकर मरम्मति का कार्य कराया जा रहा है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 50 टैंकरों से 03-04 ट्रिप में पानी की आपूर्त्ति की जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि जिस वार्ड में नल-जल योजना के तहत पाइप नहीं बिछाया गया है वहाँ अबतक 288 स्टैड पोस्ट लगाकर पानी की आपूर्त्ति की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रो में 250 नये चापाकल गाड़े गये हैं और 68 शैलो ट्यूबवेल को सिलेंडर लगाकर कनवर्जन किया गया है। शहरी जलापूर्त्ति योजना के तहत बुडको द्वारा 05 प्रोजेक्ट पूरा कर लिया गया है और छठे प्रोजेक्ट पर कार्य चल रहा है।
मुख्य सचिव महोदय द्वारा जिला प्रशासन के प्रयास पर संतोष व्यक्त किया गया। उन्होंने कहा कि जल संकट के समाधान हेतु यहाँ अच्छा कार्य किया गया है। प्रशासन द्वारा जरूरतमंद लोगों को पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की कई है जो प्रशंसनीय है।
मुख्य सचिव द्वारा बताया गया कि दरभंगा जिला में भूगर्भ जलस्तर का नीचे जाना भविष्य के लिए चेतावनी है। इसके लिए वाटर हार्वेस्टिंग एकमात्र विकल्प है। उन्होंने सभी घरों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से लागू कराने को कहा। नगर निगम क्षेत्र के सभी मकान मालिकां को इस बावत नोटिस दी जायेगी। अगर तय समय पर वे वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित नहीं करेंगे तो उनके विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी।
मुख्य सचिव ने जल संचयन के लिए तालाबों/नहर/पैन आदि का उड़ाही कर भिंडा पर पौधारोपन कराने का सुझाव दिया। इससे पानी एवं पर्यावरण दोनों संतुलित रहेंगे। समीक्षा में पाया गया कि अधिकांश तालाबों पर अतिक्रमण कर लिया गया है। मुख्य सचिव ने अभियान चलाकर तालाबां पर के अतिक्रमण को हटाने का निदेश दिया।
इसके पूर्व मुख्य सचिव के साथ आये वरीय अधिकारियों द्वारा जिला के विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर वहाँ क्रियान्वित किये गये योजनाओं का निरीक्षण किया गया और आम लोगों का फीडबैक भी लिया गया।
अपर मुख्य सचिव श्री अतुल प्रसाद ने बताया कि उन्होंने जाले प्रखण्ड के अहियारी दक्षिणी/अहियारी उत्तरी/ब्रह्मपुर पंचायत का भ्रमण कर विभिन्न योजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने पोखर के उड़ाही के बाद उसका रख-रखाव हेतु स्थानीय लोगों की टीम बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि वृद्धजन पेंशन सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के बारे में लोगों को अच्छी जानकारी है।
प्रधान सचिव, कृषि श्री सुधीर कुमार ने बताया कि वे हायाघाट प्रखण्ड के मल्लीपुर पंचायत का भ्रमण किये। वहाँ कुछ किसानों द्वारा शिमला मिर्च एवं पान की अच्छी खेती की जा रही है लेकिन आम किसानों में सरकार की योजनाओं की जानकारी का अभाव पाया गया। इसके चलते वे योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं।
वहीं प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग श्री चैतन्य प्रसाद द्वारा बताया गया कि उन्होंने नगर निगम क्षेत्र में बुडको द्वारा क्रियान्वित किये जा रहे योजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने और अधिक स्टैड पोस्ट बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहर में प्लास्टिक के थैले अभी भी प्रचलन में है जिस पर रोक लगाने हेतु ठोस कार्रवाई की आवश्यकता बताया गया।
सचिव पी.एच.ई.डी. श्री जितेन्द्र श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि वे जिला के सबसे अधिक जल संकट वाले प्रखण्ड बहादुरपुर के खराजपुर पंचायत में पी.एच.ई.डी. के द्वारा क्रियान्वित किये गये योजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि नये चापाकलों को गाड़ने के जगह पुराने शैलो ट्यूबवेल को सिलेडर लगाकर ज्यादा से ज्यादा चापाकलों की कनवर्जन करने से पानी की समस्या का जल्दी समाधान हो सकेगा। उन्होंने कहा कि वार्ड परिषद् को तकनीकी जानकारी नहीं है इसके चलते योजनाओं का क्रियान्वयन में अड़चने आ रही है। वहीं उन्होंने योजनाओं के गुणवत्ता की भी जाँच कराने की बात कहा।
आयुक्त, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा श्री मयंक बरबड़े ने बताया कि जिला में मनरेगा(ग्रामीण) योजना के तहत पोखर उड़ाही, नहर उड़ाही, चेक डैम का निर्माण आदि कार्य कराया जा रहा है। लेकिन मनरेगा जॉब कार्डधारी का निर्धारित मजदूरी अपेक्षा कृत कम होने से कार्य कराने में दिक्कते पेश होने की बात बताई गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि उन्होंने स्वयं भी बेनीपुर प्रखण्ड के कुछ पंचायतों का भ्रमण किया और आमलोगों से सरकारी योजनाओं के बारे में फीडबैक प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि जिला के आमलोगों में सरकारी योजनाओं के प्रति संतुष्टि पाई गई।
इस समीक्षा बैठक में दरभंगा प्रमण्डल एवं जिला मुख्यालय के सभी विभागों के पदाधिकारी सम्मिलित हुए।

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