छात्रसंघ अध्यक्ष का बयान हास्यास्पद :राहुल राज


छात्र जदयू विश्वविद्यालय अध्यक्ष सह परिषद सदस्य राहुल राज ने कहा कि छात्रसंघ अध्यक्ष जिस तरह से बयानबाजी कर रही है वो हास्यास्पद है। उन्होंने पीजी में एडमिशन के लिए आवेदन तक नहीं किया है और ना ही पीजी एंट्रेंस एग्जाम में शामिल हुई।राहुल ने कहा कि पीजी में एडमिशन के लिए विश्वविद्यालय आवेदन लेती है जिसके बाद जिन विषयों में सीट से अधिक आवेदन होता है उन विषयों में एंट्रेंस एग्जाम लिया जाता है ।जिसके बाद विश्वविद्यालय पहली ,दूसरी और तीसरी मेरिट लिस्ट जारी करती है ।इसके बाद भी अगर सीट खाली रह जाता है तो उन छात्रों को जिन्होंने पीजी में आवेदन दिया था और पीजी एंट्रेंस एग्जाम में शामिल हुए थे उन्हें रिक्त सीट दिया जाता है ना कि उनको जिन्होंने आवेदन तक नहीं किया ।नामांकन की सारी प्रक्रिया विश्वविद्यालय के नामांकन समिति के अधीन आती है।उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा की विश्वविद्यालय के पदाधिकारी नामांकन संबंधित कई कागज जोड़ने के फ़िराक़ में है । छात्र जदयू विश्वविद्यालय सचिव रूबी झा ने कहा कि जिस तरह से छात्रसंघ अध्यक्ष ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ जैसे सरकार के योजनाओं को अपने बयान में जोड़कर पेश किया है उससे साफ प्रतीत होता है कि ये अब सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रहीं हैं। सरकार की योजनाएं छात्राओं को आगे बढ़ाने के लिए है ,लेकिन इन्होंने अपने गलत तरीके से किए गए नामांकन से इसे जोड़ दिया । छात्रसंघ अध्यक्ष महिला होने के कारण लोगों के भावनाओं को बटोरने में लगी हुई है।इन्होंने अपने बयान में मिथिला की बेटी जैसे शब्दों का भी प्रयोग किया है जो की अनुचित है ।मिथिला की बेटी देश विदेश में अपने परिवार और समाज का नाम ऊंचा कर रही है ,लेकिन इन्होंने गलत तरीके से एडमिशन लेकर मिथिला की बेटियों का अपमान किया है ।बताते चले की इनके फर्जी एडमिशन की पोल खोलने वाली वंदना कुमारी भी मिथिला की ही बेटी है ।छात्र जदयू प्रदेश उपाध्यक्ष शंकर सिंह ने कहा है कि विश्वविद्यालय के तमाम पदाधिकारी ,महाविद्यालय के प्रधानाचार्य ,कॉलेज के कर्मचारी मिलकर एक विशेष संगठन के दवाब में इन्हें बचाने में लगी हुई है ।अगर इनका नामांकन रद्द नहीं किया जाता है तो संगठन अनिश्चितकालीन तालाबंदी पर उतरेगी और इसके जिम्मेवार विश्वविद्यालय प्रशासन होगी ।वहीं छात्र जदयू विश्वविद्यालय उपाध्यक्ष विशाल चौधरी ने कहा कि सबकुछ सामने होते हुए भी जिस तरह से नामांकन रद्द करने ,संबंधित पदाधिकारी पर कार्रवाई करने में विश्वविद्यालय देरी कर रही है इससे साफ पता चलता है कि विश्वविद्यालय दवाब में है ।
राहुल राज
छात्र जदयू विश्वविद्यालय अध्यक्ष

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don`t copy text!