क्वारंटाइन कैंप में अनुशासन तोड़ने वाले 500 रूपया एवं टिकट भाड़ा से वंचित होंगे।

प्रखण्ड क्वारंटाइन में प्रवासियों को 14 दिन रखकर घर भेजा जायेगा।

महिला, बच्चे, बुजुर्ग एवं बीमार व्यक्ति होम क्वारंटाइन में भेजे जायेगे।

क्वारंटाइन कैंप में अनुशासन तोड़ने वाले 500 रूपया एवं टिकट भाड़ा से वंचित होंगे।

घर से बाहर निकलने पर सभी को मास्क पहनना अनिवार्य हैं.

सभी परिवारों को 04 मास्क एवं 01 साबुन सरकार की तरफ से दी जा रही।
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सभी क्वारंटाइन केन्द्रों पर क्षेत्रीय पदाधिकारियों का मोबाईल नम्बर प्रदर्शित किया जा रहा।

जिलाधिकारी दरभंगा डॉ0 त्यागराजन एस.एम. द्वारा आज पूर्वाह्न कार्यालय प्रकोष्ठ में एक बैठक आयोजित कर जिला के सभी प्रखण्डों में संचालित आपदा राहत केन्द्र एवं प्रखण्ड/विल्लेज क्वारंटाइन केन्द्रों में प्रदान की जा रही सुविधाओं की समीक्षा किया गया।
जिलाधिकारी द्वारा बैठक में उपश्थित सभी अधिकारियों को क्वारंटाइन केन्द्रों के सुगम संचालन हेतु राज्य सरकार के अद्यतन निदेशों से अवगत कराया गया। कहा कि बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों, छात्रों एवं अन्य लोगों का जिला में लगातार आमगन हो रहा है। सरकार द्वारा चलाई जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से एवं चोरी-छिपे आने वाले प्रवासी मजदूरों को 14 दिनों तक प्रखण्ड मुख्यालय में क्वारंटाइन किया जाना है। क्वारंटाइन केन्द्रों में सिर्फ पुरूष मजदूरों को ही रखा जाना है। कहा कि महिलाएँ, बच्चे, बुजुर्ग एवं बीमार व्यक्तियों एवं छात्र/छात्राओं को होम क्वारंटाइन में भेजी जाये।
कहा कि क्वारंटाइन केन्द्रों में ठहराये गये प्रवासियों को सभी जरूरी सुविधाएं प्रदान की जा रही है। प्र्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, थाना प्रभारी से कहा गया कि अपने क्षेत्राधीन सभी क्वारंटाइन केन्द्रों का प्रत्येक दिन कम से कम एक बार जरूर विजिट करें और वहां की व्यवस्था की समीक्षा करें। प्रवासी लोगों से बातें की जाये। अगर अन्हें कोई दिक्कत हो रही है तो बातचीत कर तुरंत समाधान की जाये।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से कहा गया है कि सभी क्वारंटाइन केन्द्रों में प्रतिदिन स्वास्थ्य परीक्षण कराना जारी रखी जाये। स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत विधिवत् पंजी में संधारित की जाये। सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी को कहा गया कि क्वारंटाइन केन्द्रों में आवासित लोगों को उपलब्ध की जा रही भोजन/आवासन की सुविधा की समीक्षा की जाये।
साथ ही सभी केन्द्रों पर अधिकारियों का मोबाईल नम्बर प्रदर्शित कर दी जाये। ताकि कोई समस्या उत्पन्न होने पर वे बता सकें। उन्होंने कहा कि कुशेश्वरस्थान, बिरौल, बहेड़ी, बहादुरपुर, केवटी आदि प्रखण्डों से ज्यादा शिकायतें प्राप्त होती है।
उन्होंने कहा है कि प्रखण्ड क्वारंटाइन में 14 दिन पूरा होते ही प्रवासियों को घर भेजी जाये। नये प्रवासियों का लगातार आगमन को देखते हुए क्वारंटाइन केन्द्रों में आवासन की क्षमता बढ़ानी होगी। क्वारंटाइन केन्द्रों में पीने का पानी, पर्याप्त संख्या में शौचालय उपलब्ध होने चाहिए। शौचालय की नियमित साफ-सफाई नितांत जरूरी है, ताकि संक्रमण फैलने का खतरा न रहें।
उन्होंने कहा है कि कोरोना महामारी की रोकथाम हेतु सरकार द्वारा सभी लोगों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। सभी लोगों को मास्क पहनने एवं साफ-सफाई के प्रति प्रोत्साहित करने हेतु राज्य सरकार द्वारा सभी पंचायतों में प्रति परिवार चार-चार मास्क एवं एक साबुन मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी को सभी पंचायतों में माइकिंग कराने को कहा गया है।
उन्होंने कहा है कि क्वारंटाइन केन्द्रों में प्रवासियों को सरकार द्वारा हर संभव सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। लेकिन कतिपय क्वारंटाइन केन्द्रों में आवासित प्रवासियों के द्वारा शोर-शराबा करने, रसोईया एवं अन्य कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने आदि की शिकायतें प्राप्त हो रही है। कहा कि अनुशासन तोड़ने वाले प्रवासियों के विरूद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। साथ ही सरकार द्वारा घोषित 500 रूपया एवं ट्रेन टिकट का भाड़ा से भी वंचित कर दिये जायेंगे।
समीक्षा में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, क

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