कोरोना को लेकर हुई ऑनलाइन समीक्षा बैठक

*कोरोना को लेकर हुई ऑनलाइन समीक्षा बैठक*
*माननीय मुख्यमंत्री ने दिए कई निर्देश*

कोविड-19 कोरोना के संक्रमण के रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा बिहार में चलाये जा रहे अभियान की ऑनलाइन समीक्षा बैठक माननीय मुख्यमंत्री, बिहार श्री नीतीश कुमार की उपस्थिति में की गई।

स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार के माननीय मंत्री श्री मंगल पाण्डेय एवं प्रधान सचिव श्री प्रत्यय अमृत द्वारा बारी-बारी से सभी जिले को अपने यहाँ चलाये जा रहे कोरोना जाँच अभियान के संबंध में बिन्दुवार अवगत कराने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान दरभंगा के संबंध में पाया गया कि दरभंगा जिले में सैंपल टेस्टिंग 23 हजार 463 की गई है, जिनमें 1151 पॉजिटिव केस पाये गये हैं। वर्त्तमान में 419 एक्टिव केस हैं, जिनमें 39 डी.एम.सी.एच. के आइसोलेनशन वार्ड में तथा 372 होम क्वारंटाइन में हैं। कुल 729 लोग स्वास्थ्य हो चुके हैं। जाँच में 20 हजार 957 लोग निगेटिव पाये गये है। जिले में कुल 285 कंटेनमेंट जोन बनाए गए थे। वर्त्तमान में 149 कंटेनमेंट जोन कार्यरत है।
जिले में मास्क के विरूद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है तथा वाहनों एवं प्रतिष्ठानों में भी जाँच अभियान चलाये जा रहे हैं। कंटेनमेंट जोन के अन्दर के सभी लोगों की जाँच कराई जा रही है।
समीक्षा के दौरान आर.टी.पी.सी.आर. की जाँच मिशन मोड में करने के निर्देश माननीय मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए। उन्होंने कहा कि 12 अगस्त तक कंटेनमेंट जोन के शत्-प्रतिशत् परिवारों का रैपिड एन्टीजन टेस्ट करा लिया जाए। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों की भी आपदा राहत केंद्र तथा सामुदायिक केंद्र के समीप कोविड-19 की जाँच करावें। उन्होंने जिलावार मरीजों के विश्लेषण कर बताया कि जहाँ कटिहार में 1094 पॉजिटिव मामले हैं, वहीं पूर्णियाँ में 618, जहाँ मधुबनी में 662, समस्तीपुर में 760 मामले हैं, वहीं दरभंगा में 424, इसलिए जिन जिलों में अधिक मामलें हैं, वहाँ विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि पटना प्रमण्डल के पटना में 4074, नालंदा में 997, रोहतास में 956 मामलें है। इसलिए पटना प्रमण्डल पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसी प्रकार भागलपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, मधुबनी, बेगूसराय जैसे जिलों पर जहाँ मामले अधिक है, पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने जिलावार प्रति लाख जनसंख्या पर पॉजिटिव मामले का प्रतिशत् के आधार पर विश्लेषण प्रतिवेदन तैयार करने के निर्देश प्रधान सचिव, स्वास्थ्य विभाग को दिए।
बैठक में माननीय मंत्री, स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि बिहार का रिकवरी रेट पूरे देश भर में सबसे ज्यादा रहा है तथा यू.पी. के बाद बिहार सबसे ज्यादा प्रतिदिन कोरोना जाँच कराने वाला राज्य है। यू.पी. में प्रतिदिन 95 हजार से 01 लाख टेस्ट की जाती है, जबकि बिहार में 70 हजार का आँकड़ा पार कर गया है। महाराष्ट्र में प्रतिदिन 40 हजार जाँच कराई जा रही है, जबकि बिहार की आबादी यू.पी. से बहुत कम है। इस तरह आबादी के आधार पर सबसे ज्यादा जाँच कराने वाला राज्य बिहार बन गया है। अगले 04-05 दिनों में यह देश में सबसे ज्यादा कोरोना जाँच करने वाले राज्यों की सूची में 12वें से 07वें स्थान पर आ जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी सदर अस्पताल में *वेंटिलेटर* युक्त 04 बेड की व्यवस्था की गई है। जिन जिलों में एक्टिव केस ज्यादा है, वहाँ ज्यादा जाँच कराई जाएगी तथा ट्रू-नेट जाँच की सुविधा अनुमण्डल अस्पताल स्तर तक की जा रही है। आइसोलेशन सेन्टर के संबंध में दिए गए निर्देश के अनुसार कार्य किया जा रहा है।
माननीय मुख्यमंत्री ने कोरोना जाँच केन्द्र पर प्लस ऑक्सीमीटर की व्यवस्था रखने तथा एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
ऑन लाइन बैठक में आयुक्त, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा श्री मंयक वरवड़े, पुलिस महानिरीक्षक, मिथिला प्रक्षेत्र, दरभंगा श्री अजिताभ कुमार, जिलाधिकारी, दरभंगा डॉ. त्यागराजन एस.एम., नगर पुलिस अधीक्षक श्री योगेन्द्र कुमार, डी.एम.सी.एच. के प्राचार्य डॉ. हर्ष नारायण झा उपस्थित थे।

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