एमओआईसी को सार्वजनिक स्थलों, हाट बज़ार, ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोंगो के रैंडम सैंपल लेकर जाँच कराने का दिया गया निर्देश .

कोरोना वायरस के कम्युनिटी स्प्रेड को चेक करने के लिये पुल टेस्टिंग कराई जाएगी .

एमओआईसी को सार्वजनिक स्थलों, हाट बज़ार, ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोंगो के रैंडम सैंपल लेकर जाँच कराने का दिया गया निर्देश .

कोरोना वायरस का संक्रमण किसी गांव / समुदाय में कहीं फ़ैल न गया हो, इसे चेक करने के लिये अधिक से अधिक लोंगो की टेस्टिंग कराई जाएगी. जिलाधिकारी दरभंगा डॉ त्यागराजन एस. एम. ने जिला के सभी एमओआईसी को मेडिकल टीम गठित कर सार्वजनिक संस्थानों, भीड़ भाड़ वाले जगहों, हाट बाजार, ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोंगो के रैंडम सैंपल लेकर पुल टेस्टिंग / जाँच कराने का निर्देश दिया है. स्पष्ट किया गया कि पुल टेस्टिंग प्रणाली में एक साथ 5 लोंगो के सैंपल लेकर जाँच की जाती है. इस प्रणाली से सामान्य से 5 गुना लोंगो की जाँच हो जाती है.


उन्होंने कहा कि आम लोंगो, व्यवसायिओं आदि के सैंपल निकालने के वाद उनकी मार्किंग भी कर ली जाये ताकि उनका जाँच रिपोर्ट पॉज़िटिव आने पर उन्हें तुरंत डीएमसीएच में शिफ्ट कर के उनलोगों की समुचित चिकित्सा कराई जा सके. उन्होंने कहा हैं कि प्रवासी कामगारों के गावों में डोर टू डोर स्क्रीनिंग कराई जाये. कोरोना के लक्षण वाले लोंगो को प्रखंड आइसोलेशन सेंटर में अलग रखकर उनके सैंपल निकालकर जाँच के लिये भेजी जाये. कहा कि कोई भी बुज़ुर्ग एवं बीमार व्यक्ति स्क्रीनिंग से छूटे नहीं, क्योंकि ये भेद्य वर्ग से वास्ता रखते हैं. उन्होंने यह निर्देश आज कार्यालय प्रकोष्ठ में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक आयोजित कर सभी एमओआईसी को दिया है.

उन्होंने कहा हैं कि ग्रामीण चिकित्स्कों, दवा दुकानदारों से भी वार्ता करके कोरोना के लक्षण वाले मरीजों की जानकारी जुटाई जाये.
बैठक में उपश्थित सिविल सर्जन एवं अन्य सभी जिला स्तरीय चिकित्सा पदाधिकारी को इस कार्य का गहन अनुश्रवण करने एवं इसका प्रगति प्रतिवेदन प्रति दिन संध्या में उपश्थापित करने का निर्देश दिया गया है. जिलाधिकारी ने जिला में कोरोना महामारी को टैकल करने में सिविल सर्जन के कार्य प्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है. कहा है कि सिविल सर्जन द्वारा पीएचसी का यथोचित अनुश्रवण नहीं किये जाने के कारण प्रखंड क्वारंटीन एवं होम क्वारंटीन में भेजे गये प्रवासी कामगारों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण का कार्य प्रभावित हुआ है.
उन्होंने कहा है कि कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिये सभी लोंगो को हमेशा मास्क अथवा फेस कवर का उपयोग करना जरूरी है. विभिन्न परीक्षणों के परिणाम से यह तथ्य सामने आया हैं कि मास्क पहना हुआ व्यक्ति अगर किसी कोरोना पॉज़िटिव मरीज के सम्पर्क में आ भी जाता हैं तो भी उसके संक्रमित होने की कम संभावना रहेगी.
जिलाधिकारी ने सभी बीडीओ एवं एमओआईसी को मास्क पहनने एवं सोशल डिस्टेंसिंग नियम का पालन करने केलिए आम लोंगो को प्रेरित करने हेतु व्यापक प्रचार प्रसार कराने का निर्देश दिया हैं.
इसके साथ ही सभी बीडीओ सीओ को क्वारंटीन कैंप में रखे गये प्रवासी कामगारों का कोविड एवं आपदा पोर्टल पर डाटा इंट्री तेज़ी से कराने हेतु स्मारित किया गया हैं. कहा कि आपदा पोर्टल पर इंट्री होने पर ही प्रवासी कामगारों को एक हज़ार रूपये की सहायता राशि प्राप्त हो सकेगी.
इस बैठक में डीडीसी कारी महतो, एडीएम विभूति रंजन चौधरी, सी.एस. डॉ संजीव सिन्हा, सभी एसडीओ, बीडीओ, सीओ, एमओआईसी,आपदा प्रभारी आदि उपश्थित थे.

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