अपने घर को लौटे प्रवासी मजदूरों को उनके स्किल के अनुसार मिलेगा काम।

अपने घर को लौटे प्रवासी मजदूरों को उनके स्किल के अनुसार मिलेगा काम।

कोरोना महामारी की रोकथाम हेतु देश भर में लागू लागू लॉक डाउन के कारण अद्योग/धंधे बंद हो जाने के चलते बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों का अपने जिला / गांव में लगातार आगमन हो रहा है। इसमें कई स्किल्ड एवं सेमी स्किल्ड वर्कर भी शामिल है। इन लोगों के हुनर का उपयोग करने हेतु उद्योग विभाग एवं श्रम विभाग को संयुक्त रूप से सर्वेक्षण कराने का निदेश दिया गया है।

महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र, दरभंगा द्वारा प्रवासी मजदूरों के कार्य दक्षता का प्राइमरी सर्वेक्षण प्रतिवेदन समर्पित किया गया है। इसमें 131 क्वारंटाइन केन्द्रों में आवासित 2634 प्रवासी मजदूरों में 1239 मजदूर अर्धकुशल (सेमी स्किल्ड) है और बाकी अकुशल मजदूर शामिल है।


अर्धकुशल मजदूरों में राजमिस्त्री का काम करने वाले 134, बढ़ई मिस्त्री का काम करने वाले 94, पेंटिग का कार्य करने वाले 39, फ्लोर टाइल्स मिस्त्री 37, भवन निर्माण के सेटरिंग 118, ईंट निर्माण, पत्थर तोड़ने के काम में 162, गेट/ग्रिल का काम करने वाले 73, प्लम्बर का काम करने वाले 49, हलवाई/भेंडर का कार्य करने वाले 88, बिजली/शीशा मिस्त्री 36 शामिल है।
जिलाधिकारी ने बताया है कि कुशल, अर्धकुशल एवं अकुशल सभी वर्ग के मजदूरों को गांव में ही रोजगार देने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य योजना बनाई जा रही है। उन्होंने क़हा कि सरकार के सात निश्चय योजनाएं, जल-जीवन-हरियाली अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना आदि में इन मजदूरों को रोजगार प्रदान किया जायेगा।
जिलाधिकारी ने उप विकास आयुक्त से कहा है कि सभी क्वारंटाइन केन्द्रों में भी वर्षा जल संचयन सयंत्र का निर्माण, सोख्ता का निर्माण एवं अन्य आवश्यक निर्माण कार्य शुरू कराया जाये। इसमें क्वारंटाइन केन्द्रों में आवासित मजदूरों को ही कार्य पर लगाया जाये। उन्हें नया जॉब कार्ड दिया जाये। इससे ग्रामीण आर्थिक गतिविधियां में तेजी आयेगी।

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