बिहार में टिड्डी को लेकर अलर्ट हेलीकॉप्टर से होगा कीटनाशक का छिड़काव

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बिहार में टिड्डीयो से नियंत्रण के लिए हेलीकॉप्टर से होगा कीटनाशक का छिड़काव।

टिड्डी नियंत्रण के लिए कीटनाशक हेलीकॉप्टर भेजेगी केंद्र, बिहार के चार जिलों में होगा छिड़काव

सिंगल पायलट द्वारा संचालित यह बेल 206-B-3 हेलीकॉप्टर एक बार में 250 लीटर कीटनाशक दवा लेकर उड़ान भरेगा और करीब 25 से 50 हेक्टेयर क्षेत्र में छिड़काव करके टिड्ड्यिों का खात्मा करेगा.

पटना :- टिड्डी दलों का खात्मा करने के लिए पूरी तैयारी के साथ एक हेलीकाप्टर मंगलवार को राजस्थान के बाड़मेर के लिए उड़ान भरेगा. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से हेलीकाप्टर को रवाना करेंगे.

इस मौके पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री पुरुषोत्तम रूपाला और कैलाश चौधरी भी मौजूद रहेंगे.

सिंगल पायलट द्वारा संचालित यह बेल 206-B-3 हेलीकॉप्टर एक बार में 250 लीटर कीटनाशक दवा लेकर उड़ान भरेगा और करीब 25 से 50 हेक्टेयर क्षेत्र में छिड़काव करके टिड्ड्यिों का खात्मा करेगा.

यह हेलीकॉप्टर बाड़मेर के उत्तरलाई स्थित एयरफोर्स स्टेशन के लिए रवाना होगा, जहां से प्रोटोकॉल के अनुसार, इसका इस्तेमाल राजस्थान के बारमेड़, जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर और नागौर के रेगिस्तानी इलाके में टिड्डी नियंत्रण अभियान में किया जाएगा.

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय से सोमवार को मिली जानकारी के अनुसार, 28 जून तक टिड्डी नियंत्रण अभियान देश के नौ राज्यों के 101 जिलों के 2,33,487 हेक्टेयर क्षेत्र में चलाया गया. इनमें राजस्थान के 31 जिले, पंजाब का एक जिला, गुजरात के पांच जिले, मध्यप्रदेश के 40 जिले, महाराष्ट्र के चार जिले, उत्तर प्रदेश के 13 जिले, छत्तीसगढ़ का एक जिला, बिहार के चार जिले और हरियाणा के दो जिले शामिल हैं.

दो दिन पहले टिड्डियों के झुंड देश की राजधानी दिल्ली के भी पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में देखे गए थे.

टिड्डी नियंत्रण अभियान में हवाई छिड़काव के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल पहली बार किया जा रहा है, जबकि ड्रोन के जरिए छिड़काव पहले से ही किया जा रहा है.

इसके अलावा, वाहनों पर लगे स्प्रेयर के साथ 60 नियंत्रण टीमें टिड्डी नियंत्रण कार्य में जुटी हैं, जिनमें केंद्र सरकार के 200 अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं. इंग्लैंड से इस साल जनवरी में 20 ग्राउंड स्पेयर मंगवाए गए थे. इसके बाद जून में 15 माइक्रोनेयर मंगवाए गए हैं और 45 माइक्रोनेयर मशीनें जुलाई में आएंगी.

कृषि मंत्रालय ने बताया कि लोकस्ट अटैक से जूझने के लिए कार्यालयों के पास इसके बाद 100 से ज्यादा ग्राउंड स्प्रेयर मशीनें होंगी. मंत्रालय ने बताया कि छिड़काव के लिए कीटनाशक दवाओं की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने के लिए तीन लाख लीटर मालाथियन 96 फीसदी यूएलवी खरीदने की मंजूरी दी गई है.

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